9 वर्षीय चाहत ने गुल्लक तोड़ भेजी 985 की राहत; उधर पीएम-सीएम की अपील की अनदेखी, ऑपरेटर्स ने लो फ्लोर के 400 ड्राइवराें की काट ली सैलरी

 ईदगाह हिल्स क्षेत्र निवासी 9 वर्षीय चाहत कुकरेजा कक्षा तीसरी की छात्रा हैं। लेकिन इस उम्र में भी उन्हें समाज की मदद का जज्बा है। चाहत ने अखबारों में पढ़ा और न्यूज चैनलों पर देखा कि लोग संक्रमण से बचाव के कार्यों के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में राशि भेज रहे हैं। उसने तुरंत गुल्लक फोड़ी और उसमें निकले 985 रुपए पिता राकेश कुकरेजा को दिए, जिन्होंने पैसे ऑनलाइन प्रधानमंत्री राहत कोष में भिजवाए। चाहत का गुल्लक फोड़ता वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल  हुआ तो हर किसी ने उसकी सराहना की। इनमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हैंं।



प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान यह साफ कह चुके हैं कि लाॅकडाउन के दाैरान अगर कर्मचारी ड्यूटी नहीं कर रहे हैं ताे भी प्राइवेट कंपनियां उनकी सैलरी नहीं काटें। इसके बाद भी शहर में लाे फ्लाेर बसाें का संचालन करने वाली कंपनियाें ने 400 से ज्यादा ड्राइवराें की आठ दिन की सैलरी काट ली है। बीसीएलएल के तहत शहर में 200 से ज्यादा बसाें का संचालन किया जाता है।


पीएम और सीएम की अपील नहीं मानी काटी सैलरी


इन बसाें पर दाे शिफ्ट में 400 ड्राइवर और 400 कंडक्टर ड्यूटी करते हैं। 22 मार्च से बसाें का संचालन बंद है। मंगलवार काे कंपनी ने 400 ड्राइवर काे सैलरी ताे दी लेकिन हर महीने जहां ड्राइवराें के खाते में जहां 10 हजार 500 रुपए पहुंचते थे, वहीं इस बार इन्हें तीन से चार हजार रुपए कम मिले हैं। जबकि, कंडक्टराें काे अभी तक सैलरी ही नहीं मिली है। इस संबंध में बीसीएलएल के सीईओ पवन सिंह का कहना है कि बसाें का संचालन अाॅपरेटर करते हैं, ड्राइवर अाैर कंडक्टर की सैलरी भी उन्हीं की और से दी जाती है।